बकायादार को एक नोटिस भेजा जाता है कि वे अपनी संपत्ति की कुर्की से बचने के लिए भुगतान करें।
यह अधिनियम आज भी पूरी तरह लागू है। हालांकि, समय-समय पर बिहार और ओडिशा सरकारों ने इसमें संशोधन किए हैं। उदाहरण के लिए:
इस कानून के कुछ मुख्य प्रावधान हैं:
4. अधिनियम के अंतर्गत मुख्य धाराएँ